Nakshatra Vatika

(नक्षत्र वृक्षों का रोपण) जिस तरह पृथ्वी के धरातल को भूगोलविद 36 की अक्षांश रेखाओं में चिन्हित करते हैं, उसी प्राचीन काल में धरती के ऊपर आकाश को 27 बराबर भागों में बाँटा गया है। जिसके हर एक भाग को एक नक्षत्र कहतें है। इन नक्षत्रों की पहचान आसमान के तारों की स्थिति विन्यास से की जाती है। जिस तरह समुन्द्र में प्रवाहमान जहाज की स्थिति देशान्तर रेखा में व्यक्त की जाती है,उसी तरह पृथ्वी के नजदीक के पिण्डों (ग्रहों) की भ्रमण स्थिति नक्षत्रों में व्यक्त की जाती है|

भारतीय मान्यता के सत्ताईस नक्षत्रों के नाम क्रम निम्न प्रकार हैं- 
1. अश्विनी   2. भरणी   3. कृत्तिका   4. रोहिणी   5. मृगशिरा   6. आद्र्रा   7. पुनर्वसु  8. पुष्य   9. आश्लेषा   10. मघा   11. पूर्वाफाल्गुनी 12. उत्तराफाल्गुनी   13. हस्त   14. चित्रा   15.स्वाति   16. विशाखा   17. अनुराधा   18. ज्येष्ठा   19. मूला   20. पूर्वाषाढ़ा 21. उत्तराषाढ़ा   22. श्रवण   23. धनिष्ठा   24. शतभिषक   25. पूर्वाषाद्रपद   26. उत्तरा भाद्र पद   27. रेवती। 

इन नक्षत्रों के वृक्षों का नाम आयुर्वेदिक, पौराणिक, ज्योतिषीय व तान्त्रिक ग्रन्थों में मिलता है। इन ग्रन्थों में यह वर्णन है कि अपने जन्म-नक्षत्र के वृक्ष को हानि या कष्ट पहुँचाने से अपनी हर प्रकार से बर्बादी होती है। विविध नक्षत्रों की वनस्पति की वैज्ञानिक पहचान श्री राधे कृष्ण दूबे द्वारा लिखित पुस्तक ‘नक्षत्र वृक्ष’ में दी गयी है। यहां इन वृक्षों की सूची दी जा रही है।

क्र.नक्षत्र नामपौराक नामवैज्ञानिक नामसामान्य नाम
1अश्विनीकारस्करStrychnos nux-vomicaकुचिला
2भरणीधात्रीPhyllanthus emblicaआँवला
3कृत्तिकाउदुम्बरFicus racemosaगूलर
4रोहिणीजम्बूSyzygium cuminiiजामुन
5मृगशिराखादिरAcacia catechuखैर
6आद्र्राकृष्णDiospyros melanoxylonकाला तेंदू
7पुनर्वसुवंशBambooबांस
8पुष्यअश्वत्थFicus religiosaपीपल
9आश्लेषानागMesua nagassariumनागकेसर
10मघावटFicus benghalensisबरगद
11पू.फाल्गुनीपलाशButea monospermaढाक
12उ.फाल्गुनीप्लक्षFicus virensपाकड़
13हस्तअरिष्टSapindus mukorrossi Gaertnरीठा
14चित्राबिल्वAegle marmelosबेल
15स्वातीअर्जुनTerminalia arjunaअर्जुन
16विशाखाविकंकतFlacourtia indicaकटाई
17अनुराधाबकुलMimusops elengiमौलश्री
18ज्येष्ठासरलPinus roxburghii Sarg.चीड़
19मूलासर्जShorea robustaसाल
20पूर्वाषाढ़ावंजुलSalix tetraspermaजलवेतस
21उत्तराषाढ़ापनसArtocarpus heterophyllusकटहल
22श्रवणअर्कCalotropis Proceraमदार
23धनिष्ठाशमीProsopis cinerariaछयोंकर
24शतभिषककदम्बAnthocephalus chinensisकदम्ब
25पू.भाद्रपदआम्रMangifera indicaआम
26उ.भाद्रपदनिम्बAzadarichta indicaनीम
27रेवतीमधूMadhuca indicaमहुआ

इन वृक्षों का रोपण एक वृत्त के रूप में वृत्त की परिधि को 27 बराबर भागों में बांट कर निम्र प्रकार किया जा सकता है।

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